“Ghazipur सांसद अफजाल अंसारी ने पीएम विश्वकर्मा योजना पर जताया तीखा तंज, कहा- बढ़ई का बेटा भी मिसाइल बना सकता है”
गाजीपुर (Ghazipur) के सांसद अफजाल अंसारी ने रविवार को विश्वकर्मा समाज द्वारा आयोजित विशाल सार्वजनिक विश्वकर्मा पूजन उत्सव में पीएम विश्वकर्मा योजना पर तंज कसा और सरकार की योजनाओं पर टिप्पणी की। गाजीपुर (Ghazipur) सांसद ने कहा कि वर्तमान योजना, जिसमें युवाओं को ट्रेनिंग देकर ₹15,000 का टूल किट दिया जाता है, युवाओं की वास्तविक क्षमता और महत्वाकांक्षा को पहचानने में सक्षम नहीं है।
गाजीपुर (Ghazipur) के सांसद अंसारी ने कहा, “सरकार बढ़ई के बेटे को बढ़ई बनाना चाहती है। जब उसके पढ़ने की बारी आती है, तब स्कूल बंद कर दिया जाता है और उसके कमाए हुए पैसे खत्म करने के लिए शराब की दुकानें खोल दी जाती हैं।” उन्होंने युवाओं की प्रतिभा और सृजनात्मक क्षमता को पहचानने और उन्हें सही दिशा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वैदिक काल और चार वेदों का उदाहरण
गाजीपुर (Ghazipur) में इस अवसर पर सांसद ने सनातन धर्म के वेदों की व्याख्या करते हुए बताया कि वैदिक काल में समाज के संचालन और न्याय के लिए चार वेदों की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि ऋग्वेद से राज्य संचालन और प्रशासनिक नीतियों का ज्ञान मिलता था, जबकि अथर्ववेद में समाज की आर्थिक व्यवस्था और रुपया-पैसा का लेखा-जोखा रखने के नियम बताए गए थे।
गाजीपुर (Ghazipur) सांसद ने बताया, “समाज में बैठे हुए व्यक्ति कैसे मौज-मस्ती करें, कैसे जीवन की तरंगों में जीएं, इसके लिए सामवेद की व्यवस्था की गई। ये चारों वेद मिलकर सदियों से समाज को चलाते आ रहे हैं।”
अफजाल अंसारी ने यह भी कहा कि जिस समाज में समता और बराबरी की मान्यता नहीं होगी, वह समाज कभी तरक्की नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल पारंपरिक पेशों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें उनके सपनों और रुचियों के अनुसार मार्गदर्शन दें।
युवाओं को बड़े लक्ष्य देने की आवश्यकता
गाजीपुर (Ghazipur) सांसद ने कहा कि यदि कोई बच्चा बढ़ई या लोहार के घर का है, तो इसका मतलब यह नहीं कि वह वही पेशा अपनाए। उन्होंने कहा, “अगली पीढ़ी को लोहार या बढ़ई बनने के लिए मत कहिए। उससे कहिए कि तुम्हें मिसाइल बनानी है। दुनिया जीतने का प्रयास करो और दुनिया में अपनी पहचान बनाओ।”
उन्होंने पीएम विश्वकर्मा योजना के ₹15,000 वाले टूल किट पर भी तंज कसते हुए कहा कि केवल टूल किट देना युवाओं की महत्वाकांक्षा को नहीं बढ़ाएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि योजनाओं में युवाओं को बड़े लक्ष्य और सशक्त मार्गदर्शन देने पर ध्यान दिया जाए।
महिलाओं की भागीदारी और मिशन शक्ति
गाजीपुर (Ghazipur) सांसद ने मिशन शक्ति योजना का भी जिक्र किया और बताया कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी पिछले कुछ वर्षों में लगभग ढाई गुना बढ़ी है। मिशन शक्ति 5.0 के तहत महिलाओं को 33% आरक्षण के साथ सरकारी योजनाओं और निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
गाजीपुर (Ghazipur) के सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि यह अभियान नवरात्रों के अवसर पर शुरू किया जाएगा, ताकि समाज में नारी और मातृशक्ति का महत्व और अधिक उजागर हो। सांसद ने जोर देकर कहा कि समाज में समता और शिक्षा का माहौल होना चाहिए, तभी समाज विकास कर सकता है।
गाजीपुर (Ghazipur) सांसद अफजाल अंसारी का यह बयान युवाओं को सीमित पेशों तक न बांधने और उन्हें बड़े लक्ष्य देने की प्रेरणा देता है। उन्होंने वैदिक काल और चार वेदों का उदाहरण देकर यह स्पष्ट किया कि समाज में शिक्षा, समता और सही मार्गदर्शन के बिना विकास संभव नहीं है।
गाजीपुर (Ghazipur) सांसद ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना केवल टूल किट देने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि युवाओं को सृजनात्मक क्षमता और बड़े सपनों की दिशा देने वाली योजनाओं पर अधिक ध्यान देना चाहिए। उनके इस बयान ने युवाओं, समाज और प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण संदेश छोड़ा है।




