मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर के आठ शिक्षकों को महत्वपूर्ण उपलब्धि

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर के आठ शिक्षकों को महत्वपूर्ण उपलब्धि

लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर के आठ शिक्षकों को महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। विश्वविद्यालय के शिक्षकों क्रमशः डॉ सत्य प्रकाश यादव, डॉ मनोज कुमार गुप्ता, डॉ सात्विक वत्स, प्रो डी के द्विवेदी, डॉ शैलेन्द्र प्रताप सिंह, प्रो आर के यादव, डॉ आर के द्विवेदी, एवं डॉ शिवम कुमार सिंह को विश्वप्रसिद्ध स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2025 हेतु जारी की गई विषयवार विश्व के शीर्ष 2 फीसदी शोधकर्ताओं की सूची में स्थान प्राप्त हुआ है। बताते चलें कि प्रति वर्ष स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट शोध कर रहे शीर्षस्थ दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की एक सूची जारी की जाती है जिसमें शोध प्रकाशनों की संख्या, गुणवत्ता, एवं साईटेशन के आधार कर शोधकर्ताओं की रैंकिंग की जाती है। यह सूची वैज्ञानिक प्रकाशनों के विश्व के सबसे बड़े डेटाबेस ‘स्कोपस’ में प्रकाशित शोधपत्रों के आधार पर बनाई जाती है। यह वैज्ञानिकों के साइटेशन प्रभाव (उद्धरणों की संख्या) को मापती है, जिसमें कैरियर-लॉन्ग साइटेशन्स (पूरे करियर के उद्धरण) और हाल के वर्ष के साइटेशन्स (2024 के लिए) दोनों शामिल हैं। यह सूची वैज्ञानिकों के योगदान को मान्यता देती है और विश्व भर के करीब 1,95,000 वैज्ञानिकों को कवर करती है, जो दुनिया के कुल वैज्ञानिकों का लगभग 2% है। यह रैंकिंग शोधकर्ताओं, विश्वविद्यालयों और संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क है, जो उनके प्रभाव को दर्शाती है।

वर्ष 2025 की इस रैंकिंग में एम एम एम यू टी के निम्न आठ शिक्षकों के नाम शामिल हैं: –

 

  1. डॉ सत्य प्रकाश यादव, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग
  2. डॉ मनोज कुमार गुप्ता, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग
  3. डॉ सात्विक वत्स, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग
  4. प्रो डी के द्विवेदी, भौतिकी एवं पदार्थ विज्ञान विभाग
  5. डॉ शैलेन्द्र प्रताप सिंह, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग
  6. प्रो आर के यादव, रसायन एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग
  7. डॉ आर के द्विवेदी, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
  8. डॉ शिवम कुमार सिंह, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में इस सूची में एम एम एम यू टी के मात्र दो शिक्षक शामिल थे। वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर पांच हो गई और इस वर्ष यह संख्या आठ है जो विश्वविद्यालय के शोध की उच्च गुणवत्ता और प्रभाव का सूचक है। सूचना मिलते ही सभी  शिक्षकों को बधाइयां मिलने लगीं। इस मौके पर माननीय कुलपति प्रो जे पी सैनी ने कहा कि “यह गौरव का विषय है कि एम एम एम यू टी के आठ शिक्षकों को इस प्रतिष्ठित सूची में स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत शोध प्रयासों की उत्कृष्टता को दर्शाती है, बल्कि एमएमएमयूटी के समग्र शोध पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती और निरंतर प्रगति का प्रमाण भी है। मैं इन सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई देता हूं। यह उपलब्धि हमें प्रेरित करेगी कि हम और अधिक नवाचारपूर्ण शोध को बढ़ावा दें, अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करें और छात्रों को वैश्विक स्तर के शोध अवसर प्रदान करें। हम प्रतिबद्ध हैं कि आने वाले वर्षों में यह संख्या और भी बढ़ेगी।”