एक लाख के इनामी बदमाश बनारसी यादव

एक लाख के इनामी बदमाश बनारसी यादव

एसटीएफ मुठभेड़ में एक लाख का इनामी कुख्यात अपराधी ढेर, इलाज के दौरान मौत

खानपुर/ यूपी की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वाराणसी के कॉलोनाइजर महेन्द्र गौतम हत्याकांड के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी बनारसी यादव को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। घायल अवस्था में अस्पताल ले जाए गए बदमाश को इलाज के दौरान मृत घोषित कर दिया गया। एसटीएफ के अनुसार, 3 फरवरी की रात करीब 11:15 बजे वाराणसी कमिश्नरेट के थाना चौबेपुर क्षेत्र अंतर्गत रिंग रोड स्थित शिवो अंडरपास के पास एसटीएफ की फील्ड इकाई ने घेराबंदी की। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध दिखाई दिए। रोकने का प्रयास करने पर पीछे बैठे बदमाश ने एसटीएफ टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
घायल बदमाश की पहचान गाजीपुर जिले के थाना खानपुर क्षेत्र के गौरहट निवासी बनारसी यादव पुत्र राजनाथ यादव उर्फ झोटा यादव के रूप में हुई। उसे तत्काल पं. दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल वाराणसी ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौके से एसटीएफ ने दो पिस्टल (30 बोर व 32 बोर), सात जिंदा कारतूस और छह खोखा कारतूस बरामद किए हैं। मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ टीम सुरक्षित रही। बताया गया कि बनारसी यादव पर हत्या, रंगदारी और सुपारी किलिंग सहित दो दर्जन से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज थे। वर्ष 2025 में उसने थाना सारनाथ क्षेत्र में चर्चित कॉलोनाइजर महेन्द्र गौतम की हत्या कर क्षेत्र में दहशत फैला दी थी, जिसके बाद पुलिस आयुक्त वाराणसी ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। फरार साथी की तलाश जारी है। मुठभेड़ के संबंध में थाना चौबेपुर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पट्टीदार की पहली हत्या कर रखा था अपराधिक दुनिया में कदम


खानपुर।मंगलवार की रात यूपी एसटीएफ से मुठभेड़ में वाराणसी के चर्चित कालोनाइजर महेंद्र गौतम हत्याकांड का सुपारी किलर एक लाख का कुख्यात इनामी बदमाश बनारसी यादव की गोली लगने से मौत हो गई। 
पूर्वांचल की धरती पर वर्षों तक दहशत का दूसरा नाम बना रहा गाजीपुर के खानपुर थाना क्षेत्र के गौरहट निवासी कुख्यात अपराधी बनारसी यादव पुत्र राजनाथ यादव उर्फ झोटा अब इतिहास बन चुका है। हत्या, रंगदारी और सुपारी किलिंग की दुनिया में उसकी पहचान एक ऐसे खूंखार बदमाश के रूप में थी, जिसके नाम से ही लोग कांप उठते थे। बनारसी यादव ने अपने साथियों के साथ मिलकर बीते करीब 23 वर्षों में एक के बाद एक सनसनीखेज हत्याओं को अंजाम देकर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दी।

पहली ही वारदात से मचा दिया था खून का कोहराम

खानपुर।वर्ष 2002 में बनारसी यादव ने अपराध की दुनिया में कदम रखते ही खून की होली खेल दी। उसने अपने ही भाई के साथ मिलकर पट्टीदार संतोष यादव पर अंधाधुंध फायरिंग की। करीब 15 गोलियां दागकर संतोष यादव को छलनी कर दिया गया। इस जघन्य हत्या ने पूरे खानपुर क्षेत्र को दहला दिया था। इस मामले में थाना खानपुर, गाजीपुर में हत्या और साक्ष्य मिटाने का मुकदमा दर्ज हुआ।

व्यापारियों को बनाया, निशाना वाराणसी तक फैला आतंक
वर्ष 2005 में बनारसी यादव ने अपने साथी सुनील यादव के साथ मिलकर वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र में एक टायर एजेंसी के मैनेजर की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात दिनदहाड़े हुई, जिससे व्यापार जगत में भय और आक्रोश दोनों फैल गया। इसके अगले ही साल 2006 में उसने चोलापुर क्षेत्र में भैयालाल यादव की गोली मारकर हत्या कर दी। लगातार हो रही इन हत्याओं से वाराणसी पुलिस भी सकते में आ गई थी।

देवकली दोहरे हत्याकांड के बाद रखा गया था 50000 का इनाम

खानपुर।वर्ष 2010 में बनारसी यादव ने गाजीपुर के खानपुर क्षेत्र में जमीन कारोबारी कमलदेव यादव की दुस्साहसिक तरीके से हत्या कर दी। हत्या के बाद लूट, धमकी और साजिश की परतें भी खुलीं।इसके बाद वर्ष 2015 में उसने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। गाजीपुर के देवकली ब्लॉक के पास दिनदहाड़े कारबाइन से अंधाधुंध फायरिंग कर दी गई। इस गोलीबारी में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। पूरे इलाके में भगदड़ और चीख-पुकार मच गई। इस वारदात के बाद बनारसी यादव फरार हो गया और पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया।

गुजरात से हुई गिरफ्तारी, फिर भी नहीं छूटा खून का नशा
खानपुर।लंबी तलाश के बाद 6 जून 2022 को एसटीएफ वाराणसी की टीम ने उसे गुजरात के वलसाड से गिरफ्तार किया था। लेकिन जेल से बाहर आते ही उसने फिर से अपराध की दुनिया में वापसी की।

2025 की हत्या से फिर दहला वाराणसी

खानपुर।वर्ष 2025 में वाराणसी कमिश्नरेट के चर्चित कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की 21 अगस्त को सारनाथ क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्या ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बनारसी यादव का खौफ अभी खत्म नहीं हुआ था। इस सनसनीखेज वारदात के बाद वह फिर फरार हो गया। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

खानपुर थाने में सात मुकदमे सहित कुल 22 मुकदमे दर्ज गैंगस्टर से आर्म्स एक्ट तक*

खानपुर।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार बनारसी यादव पुत्र रामनाथ यादव उर्फ झोटा, निवासी खानपुर, गाजीपुर के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, गुंडा एक्ट और आपराधिक साजिश सहित कुल 22 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज थे। गाजीपुर, वाराणसी और सोनभद्र में उसका आपराधिक नेटवर्क फैला हुआ था।बनारसी यादव संगठित अपराध का बड़ा चेहरा था। उसकी मौत के बाद भले ही एक अध्याय खत्म हुआ हो, लेकिन उसके खून से सने इतिहास ने पूर्वांचल को लंबे समय तक डर के साये में जीने पर मजबूर किया। पुलिस अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुटी है।


बनारसी यादव की मौत की ख़बर मिलते ही परिजनों में मचा हड़कंप

खानपुर।यूपी एसटीएफ एनकाउंटर में मारे गये एक लाख के इनामी बदमाश बनारसी यादव उर्फ झोटा यादव की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया, वही परिजन व उसके रिश्तेदार वाराणसी के लिए रवाना हो गये। इधर बनारसी के माता रामा देवी व पत्नी सिंधु देवी सहित बच्चों दोनों बच्चे प्रांजल यादव (14) व शिवम यादव (12) का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। पांच भाई दो बहनों में सबसे छोटा था कुख्यात अपराधी