गैस संकटः फिर लौटे लकड़ी-कोयला के दिन

गैस संकटः फिर लौटे लकड़ी-कोयला के दिन

 रानू  पाण्डेय

खानपुर।खाड़ी देशों में युद्ध के हालातों के बीच घरेलू की वरीयता के बीच व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति न होने से होटल, ढाबा संचालक और दुकानदार खाद्य सामग्री तैयार करने के लिए फिर से लकड़ी-कोयला की भट्ठी पर आ गए हैं। कोयला-लकड़ी की कीमतों से दुकानदारों के साथ ही आम उपभोक्ताओं की जेब पर भार बढ़ गया है।खाद्य सामग्री की लागत और कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से दुकानदार कोयला लकड़ी की भ‌ट्ठी और बिजली वाले इंडक्शन चूल्हे को उपयोग में ला रहे हैं। दुकानदारों ने लागत बढ़ने से पांच वाला समोसा आठ रुपये, 20 वाला चाट 25 और 25 की आलू टिक्की 30 रुपये में कर दी। पोखरा मोड़ चाट भंडार के मालिक ने बताया कि 10 दिनों से सिलिंडर न मिलने से काम मंदा हो गया है। सभी आइटम नहीं बना पा रहे इससे दुकानदारी नहीं चल रही है। दो से तीन दिन में सिलिंडर नहीं मिला तो दुकान बंद करनी पड़ेगी। फास्ट फूड भंडार के मालिक हरेंद्र गोंड ने बताया कि गैस सिलिंडर न मिलने की वजह से दुकान हफ्तों से बंद पड़ा है।