दुर्घटना का केंद्र बन चुके औड़िहार तिराहे पर बनेगा गोलंबर, समाजसेवी की शिकायत और उपाय पर एन एच आई ने लिया संज्ञान
सैदपुर : थाना क्षेत्र में वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर सड़क दुर्घटना के लिए ब्लैक स्पॉट बन चुके क्षेत्र के औड़िहार तिराहे पर गोलंबर बनाए जाने की प्रकिया क़ो एनएचआई द्वारा हरि झंडी मिल गई है। इसके लिए नगर निवासी समाजसेवी प्रदीप जायसवाल ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व एनएचएआइ्र से बीते दिनों न सिर्फ शिकायत की थी, बल्कि इस गंभीर समस्या से किस प्रकार से निजात मिलें, उसके लिए बाकायदा डिजाइन बनाकर उपाय भी बताया था। जिसके बाद विभाग ने उस पर संज्ञान लेकर तैयारी शुरू कर दी है और टेंडर निकाले जाने व निजी कंपनी को अधिकृत किए जाने की भी जानकारी दी है।
बता दे की वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर सैदपुर थानाक्षेत्र में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं या तो औड़िहार तिराहे पर होती हैं या वहां से कुछ ही मीटर दूर जौहरगंज बाईपास पर। इस बाबत नगर निवासी समाजसेवी प्रदीप जायसवाल ने एनएचएआई से 2025 में शिकायत कर बताया था कि यहां पर महज 100 मीटर के अंदर में 5 सड़कें मिलती हैं। जिसमें जौनपुर, वाराणसी, गोरखपुर, औड़िहार व वाराह घाट के मार्ग हैं। बताया था कि नगर में प्रवेश व निकास के रास्ते में कंन्फ्यूजन होने के चलते ये दुर्घटनाएं होती हैं। इन दुर्घटनाओं को रोकने का तरीका बकायदा ब्लू प्रिंट डिजाइन के जरिए बनाकर बताया कि अगर इन सभी 5 रास्तों को और नजदीक लाकर वहां गोलंबर बना दिया जाए तो ये दुर्घटनाएं खत्म हो सकती हैं। जिसके बाद रोड एंड सेफ्टी टीम ने जायजा लिया और रिपोर्ट भेज दिया। इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर निजी कंपनी एमएसपार्क फ्यूचरिस्टिक एंड एसोसिएट्स को जिम्मेदारी दी गई। लेकिन इसके बारे में जानकारी न मिलने व पुनः दुर्घटना होने के बाद प्रदीप ने पुनः शिकायत की। जिस पर बताया गया कि पीआईयू टीम ने जायजा लेकर रिपोर्ट भेज दी है और अप्रूवल का इंतजार कर रहे हैं। वहीं दूसरे जवाब में बताया गया कि टेंडर की प्रक्रिया हो गई है। इस बाबत प्रदीप ने संभावना जताई कि संभवतः निर्माण कार्य अगले वित्तीय वर्ष में शुरू हो जाएगा। वहीं अगर ये गोलंबर बन गया तो इस जगह पर बेवजह की दुर्घटनाओं में 90 प्रतिशत तक की कमी आ जाएगी।




