बाहर से माल आने में परेशानी से बढ़े खाद्य तेल व ड्राई फ्रूट के दाम, सहालग में बढ़ी महंगाई
रानू पाण्डेय
खानपुर। ईरान–इस्त्राइल के बीच जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़े परिवहन खर्च का असर अब स्थानीय बाजारों पर भी दिखने लगा है। बाहर से माल आने में दिक्कत और समुद्री रास्तों पर बढ़ी अनिश्चितता के कारण खाद्य तेलों, रिफाइंड और ड्राई फ्रूट के दामों में तेजी आ गई है।व्यापारियों के अनुसार खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध और समुद्री मार्ग से होने वाली आपूर्ति प्रभावित होने के कारण बाजार में कई सामान महंगे हो गए हैं। खासकर रिफाइंड तेल, सरसों तेल और ड्राई फ्रूट के दामों में पिछले कुछ दिनों में अच्छी खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।खाद्य तेलों की कीमतों में आई इस तेजी का असर आम लोगों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। सहालग के मौसम में बढ़ती महंगाई से लोगों को अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ सकता है।स्थानीय दुकानदार शुभम जायसवाल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में रिफाइंड और सोयाबीन तेल के दाम में लगभग 15 से 20 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि सरसों तेल भी करीब 10 रुपये महंगा हो गया है।वहीं दुकानदार सोमारू मोदनवाल ने बताया कि दाम बढ़ने के साथ ही कई कंपनियों ने रिफाइंड तेल के पैकेट का वजन भी कम कर दिया है। बढ़ती कीमतों के कारण बिक्री पर भी असर पड़ा है। पहले ग्राहक एक महीने का सामान एक साथ खरीद लेते थे, लेकिन अब लोग जरूरत के अनुसार ही खरीदारी कर रहे हैं।व्यापारियों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो आने वाले दिनों में खाद्य तेल और ड्राई फ्रूट के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे बाजार और आम उपभोक्ताओं दोनों पर असर पड़ना तय है।
बढ़े दाम (रुपये प्रति किलो / पैकेट)
नाम पहले दाम अब दाम
सरसों तेल 165 185
रिफाइंड 130 150
पाम ऑयल (750 मि.ली.) 105 120
पिस्ता 1200 1300
काजू 950 1000
बादाम 900 950
किशमिश 600 650




