सिधौना के ईशोपुर में लगा विशाल तिरंगा क्षतिग्रस्त, बदलने की उठी मांग
रानू पाण्डेय
खानपुर। सिधौना क्षेत्र के ईशोपुर स्थित अतिथि गृह परिसर में हाल ही में लाखों रुपये की लागत से लगाया गया लगभग 100 फीट ऊंचा विशाल तिरंगा इन दिनों तेज हवाओं के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। लगातार चल रही तेज आंधी के चलते पिछले करीब पांच दिनों से तिरंगे का एक कोना फटा हुआ दिखाई दे रहा है, लेकिन अब तक इसे ठीक कराने के लिए प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।बताया जाता है कि वाराणसी–गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाजीपुर जिले की सीमा में प्रवेश करते ही सिधौना बाजार के पास यह विशाल तिरंगा स्थापित किया गया था। इसे लगे अभी लगभग एक सप्ताह ही हुआ है और इतने कम समय में ही इसके क्षतिग्रस्त हो जाने से इसकी गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।तिरंगा देश की आजादी, एकता और अखंडता का प्रतीक माना जाता है। इसके केसरिया रंग से त्याग और साहस, सफेद रंग से शांति और सत्य तथा हरे रंग से समृद्धि और विकास का संदेश मिलता है। वहीं बीच में बना अशोक चक्र देश को निरंतर प्रगति और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।ईशोपुर में लगा यह विशाल तिरंगा इतना ऊंचा है कि वाराणसी जनपद की सीमा से भी दूर से दिखाई देता है। कैथी की ओर से आगे बढ़ते ही लहराता तिरंगा राहगीरों का ध्यान आकर्षित करता है और लोगों के मन में देशभक्ति की भावना जगाता है। रात के समय दूधिया रोशनी में लहराता तिरंगा और भी आकर्षक दृश्य प्रस्तुत करता है।स्थानीय बाजारवासियों और पूर्व सैनिकों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षतिग्रस्त तिरंगे को शीघ्र बदलकर उसकी गरिमा और सम्मान को बनाए रखा जाए।




