गैस कि किल्लत होने से मांगलिक कार्यों में हो रही परेशानी, बुकिंग प्रक्रिया में भी हुई है जटिलता, पहले जल्द हो जाता था गैस बुकिंग

गैस कि किल्लत होने से मांगलिक कार्यों में हो रही परेशानी, बुकिंग प्रक्रिया में भी हुई है जटिलता, पहले जल्द हो जाता था गैस बुकिंग

 रानू  पाण्डेय

खानपुर। क्षेत्र में डीएसी कोड व्यवस्था और गैस बुकिंग की धीमी प्रक्रिया के कारण शादी-विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में रसोई गैस की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि समय से बुकिंग कराने के बावजूद सिलेंडर की आपूर्ति तय समय पर नहीं हो पा रही है, जिससे कार्यक्रमों की तैयारियों में बाधा उत्पन्न हो रही है। वहीं जिसके घर आयोजन होना है उसके यहां एक से अधिक गैस सिलेंडर की खपत होनी है। ऐसे में बुकिंग अंतराल 45 दिन होने से समस्या बढ़ गई है।
ग्रामीणों के अनुसार डीएसी कोड लागू होने के बाद गैस वितरण की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक जटिल हो गई है। कई उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। डीएसी कोड होने के बावजूद सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। ऐसे में शादी, तिलक, भोज और अन्य सामाजिक आयोजनों के दौरान भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही है और आयोजकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि गैस एजेंसियों पर पर्याप्त रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने से समस्या और गंभीर हो जाती है। उपभोक्ताओं ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि गैस आपूर्ति को सुचारु और पारदर्शी बनाया जाए तथा समयबद्ध तरीके से सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए, ग्रामीण क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल कम किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके और कार्यक्रम बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकें।