चढ़ा पारा तो याद आए 'मिट्टी के फ्रिज' बाजार में मटकों और सुराही की मांग बढ़ी
खानपुर।गर्मी की दस्तक के साथ ही पारंपरिक मिट्टी के मटकों और सुराही का बाजार सज गया है। बढ़ते तापमान के बीच लोग सेहत और प्राकृतिक ठंडक के लिए फ्रिज के बजाय घड़े के पानी को तवज्जो दे रहे हैं। नगर के सैदपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुम्हारों और विक्रेताओं के पास ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है।बाजार में इस बार साधारण घड़ों के अलावा नल और फिल्टर वाले आधुनिक मटके विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। दुकानदार दयाल प्रजापति के अनुसार, बाजार में 100 रुपये से लेकर 650 रुपये तक की रेंज में मटके उपलब्ध हैं। हालांकि बीच-बीच में हुई बारिश से काम प्रभावित हुआ लेकिन अब धूप से बिक्री ने रफ्तार पकड़ी है। घरों, दफ्तरों और दुकानों के लिए सुराही खरीदी जा रही है। मिट्टी की कमी व महंगाई ने किया चिंतित एक तरफ जहां मांग बढ़ने से कुम्हार खुश हैं, वहीं दूसरी ओर कच्चा माल न मिलना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। कारीगरों ने बताया कि काली मिट्टी की लगातार हो रही कमी और उसके बढ़ते दामों ने उनकी लागत बढ़ा दी




