सिलिंडर की किल्लत से किराएदारों की अटकी सांस

सिलिंडर की किल्लत से किराएदारों की अटकी सांस

 

खानपुर।रसोई गैस सिलिंडर की लगातार बढ़ती किल्लत ने नगर  सैदपुर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में किराए के मकानों में रहने वाले लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। खासकर दूसरे जिलों से आकर रह रहे डीएलएड प्रशिक्षु, शिक्षक और कर्मचारी इस समस्या से सबसे ज्यादा जूझ रहे हैं। गैस नहीं मिलने से उनके सामने रोजाना भोजन बनाना भी चुनौती बन गया है और हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं।
नगर पंचायत के मेन रोड, मुख्य चौराहा, काली मंदिर इलाके में दर्जनों शिक्षक-कर्मचारी किराए के मकानों में रहते हैं। वहीं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान से जुड़े प्रशिक्षु भी यहीं कमरों में रहकर पढ़ाई और प्रशिक्षण करते हैं। पहले तक ये लोग छोटे सिलेंडरों में गैस भरवाकर आसानी से अपना काम चला लेते थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले तक छोटे सिलेंडर में आसानी से गैस उपलब्ध हो जाती थी, जिससे किराएदारों को ज्यादा परेशानी नहीं होती थी। लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि एक किलो तो दूर, आधा किलो गैस भी नहीं मिल पा रही है। गैस एजेंसियों द्वारा सप्लाई में कमी के कारण ब्लैक में मिलने वाली गैस भी पूरी तरह बंद हो गई है, जिससे संकट और गहरा गया है।

इसका सबसे ज्यादा असर बाहर से आई महिला डीएलएड प्रशिक्षुओं पर पड़ रहा है। वे पहले 5 किलो के छोटे सिलेंडर में 2-3 किलो गैस भरवाकर पूरे महीने भोजन बना लेती थीं, लेकिन अब गैस नहीं मिलने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में कई प्रशिक्षु अपने मकान मालिकों और घरवालों से मदद मांग रही हैं, तो कुछ वैकल्पिक साधनों की तलाश में जुटी हैं।किराएदारों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि रसोई गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए, ताकि उन्हें इस संकट से राहत मिल सके।