धूमधाम से मनाई गई तथागत गौतम बुद्ध जयंती, वक्ताओं ने उनके विचारों को आत्मसात करने पर दिया जोर
-देवकली । कुशवाहा समाज द्वारा तथागत गॊतम बुध्द जयन्ती समारोह देवकली ,सॆदपुर,तरांव,पियरी भितरी,उचॊरी,छावनीलाइन में धुमधाम के साथ मनाया गया।पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा ने कहा कि विश्व के 66 देशो मे बॊध्द धर्म के अनुवायी हॆ परन्तु अपने देश मे महामानव गॊतम बुध्द उपेक्षित हॅ।तथागत गॊतम बुध्द का जन्म उस समय हुआ था।जब समाज मे ऊचं,नीच,विषमता,रुढिवादिता,अंधविश्वास, सामाजिक कुरीतियां चरम सीमा पर व्याप्त था। महामानव गॊतम बुध्द ने अपने उपदेशों के माध्यम से सम्पूर्ण मानव समाज को एक सूत्र मे पिरोने का कार्य किया।उनके विचारो व उपदेशों पर चलकर सम्पूर्ण विश्व को एक सूत्र मे बांधा जा सकता हॅ।
पूर्व सासंद जगदीश कुशवाहा ने कहा कि महामानव गॊतम बुध्द का जन्म 563 ई,पूर्व कपिलवस्तु के पास लुम्बिनी नामक स्थान पर हुआ था।उनके पिता का नाम शुध्दोधन व माता का नाम माया देवी था। 29 वर्ष कि उम्र मे घर छोङ दिया।बोध गया मे ग्यान प्राप्त हुआ।अपना पहला उपदेश सारनाथ मे दिया।भगवान बुध्द का जन्म,ज्ञान प्राप्ति, व महापरिनिर्वाण( मॄत्यु) तीनो वॆशाख पूर्णिमा को हुआ,483 ई०पूर्व कुशीनगर मे नश्वर शरीर का परित्याग कर ब्रहमलीन हुए।
नूरपुर मे रामनरेश कुशवाहा,सुधाकर कुशवाहा ,सरोज कुशवाहा
देवकली मे महासभा के पूर्व जिला अध्यक्ष देवनाथ कुशवाहा, अशोक कुशवाहा, नरेन्द्र मॊर्य,रामनरेश व अवधेश मॊर्य ,प्रमोद कुमार मॊर्य ,उमाशंकर ,रामवृक्ष,बबलू,श्यामजी,डा० संजय कुशवाहा,भुवनेश्वर एडवोकेट ने चित्र पर माल्यापर्ण किया।इस अवसर पर पियरी मे डा० शिवकुमार व डा० संतोष कुशवाहा,कृपाशंकर कुशवाहा, सरायतालवी मे रंगजी कुशवाहा,बभनॊली मे राजपति व रमाशंकर एडवोकेट,ऒङिहार मॆ रामकिशुन एडवोकेट,बॊरवां मे मोहन कुशवाहा,तरांव मे कालीचरन एडवोकेट वेचन कुशवाहा,भितरी मे उर्मिला कुशवाहा,अच्छेलाल कुशवाहा,




