फर्जी डिग्री के सहारे 20 साल तक की नौकरी,  88 लाख डकारने वाला शिक्षक गिरफ्तार

फर्जी डिग्री के सहारे 20 साल तक की नौकरी,  88 लाख डकारने वाला शिक्षक गिरफ्तार

सैदपुर (गाजीपुर): उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। सैदपुर स्थित टाउन नेशनल इंटर कॉलेज में तैनात एक प्रवक्ता को पुलिस ने फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी शिक्षक ने करीब दो दशकों तक विभाग को धोखे में रखकर शासन से 88 लाख रुपये से अधिक का वेतन हासिल किया।  आरोपी शिक्षक, शिवाकांत पांडे, जो वाराणसी के रहने वाले हैं, उनकी नियुक्ति साल 2002 में वाराणसी के एक इंटर कॉलेज में विषय विशेषज्ञ के तौर पर हुई थी। इसके बाद साल 2007 में उनका स्थानांतरण सैदपुर के टाउन नेशनल इंटर कॉलेज में हो गया। तब से वे यहीं कार्यरत थे।  मामले का खुलासा तब हुआ जब कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य अनिल विश्वकर्मा को शिक्षक की डिग्रियों पर संदेह हुआ। उन्होंने इसकी शिकायत तत्कालीन डीआईओएस (DIOS) से की और जांच की मांग की। जांच में पाया गया कि नौकरी पाने के लिए लगाई गई एम.एससी. और बी.एड. की डिग्रियां पूरी तरह फर्जी थीं।  कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया गया था। कॉलेज प्रबंधन की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी और कूटरचना की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी शिवाकांत पांडे को वाराणसी से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।शिक्षा विभाग में हड़कंपइतने लंबे समय तक फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने और भारी-भरकम वेतन उठाने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।