सिद्धनाथ धाम का ₹1.17 करोड़ का विकास कार्य अधर में, करोड़ों का आधुनिक फाउंटेन बना सिर्फ 'शोपीस'

सिद्धनाथ धाम का ₹1.17 करोड़ का विकास कार्य अधर में, करोड़ों का आधुनिक फाउंटेन बना सिर्फ 'शोपीस'

खानपुर ।   सैदपुर ब्लॉक स्थित सिधौना गांव में स्थित सिद्धनाथ  धाम के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण का दावा वर्तमान में सरकारी लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है।   वर्ष 2023 में प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा धाम के विकास के लिए स्वीकृत की गई 1 करोड़ 17 लाख रुपये की भारी-भरकम परियोजना अब तक पूरी तरह चालू नहीं हो सकी है।  योजना के मुताबिक, सिद्धनाथ धाम परिसर का रंग-रोगन किया जाना था। इसके साथ ही परिसर के भीतर मानस सरोवर, सत्संग हॉल, विवेकानंद पार्क और रामलीला मंच का निर्माण होना तय हुआ था। इस पूरे प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य इस पवित्र स्थल को धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना था।  सरोवर को आकर्षक बनाने के लिए इसमें आधुनिक फाउंटेन (फव्वारा) और रंग-बिरंगी सजावटी लाइटें लगाई गई थीं। पर्यटन विभाग को उम्मीद थी कि यह फाउंटेन यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण बनेगा। लेकिन वर्तमान स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। करोड़ों रुपये की लागत से लगा यह आधुनिक फाउंटेन अब सिर्फ एक 'शोपीस' बनकर रह गया है और चालू नहीं हो पा रहा है।
हाल ही में आयोजित हुई 'जन चौपाल' के दौरान यह मुद्दा स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का मुख्य विषय रहा। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने विकास कार्यों में हो रही देरी और बजट के सही इस्तेमाल न होने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। स्थानीय जनता का कहना है कि सरकारी पैसे का इस तरह दुरुपयोग बेहद निराशाजनक है और इस मामले में जल्द से जल्द जांच कर फाउंटेन को शुरू किया जाना चाहिए।