छठ पर्व का माहौल ग़म में बदला, गोमती नदी में डूबने से इकलौते बेटे की मौत 

छठ पर्व का माहौल ग़म में बदला, गोमती नदी में डूबने से इकलौते बेटे की मौत 

रानू पाण्डेय
खानपुर। थाना क्षेत्र के अमेहता गांव गोमती नदी में नहाने के दौरान रविवार सुबह अविरल उर्फ नमन मिश्रा (10 वर्ष) की डूबने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने 4 घंटे की खोजबीन के बाद शव को बाहर निकाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर शव परिजनों को सौंफ दिया गया। क्षेत्र के अमेहता गांव निवासी अविरल उर्फ नमन मिश्रा पुत्र अनुराग मिश्रा उम्र 10 अपनी बहन पीहु व गांव के लड़की के साथ गोमती नदी के किनारे नहाने गए भाई बहन सहित गांव की लड़की  गोमती नदी में छलांग लगा दी। जब तीनों बच्चे डूबने लगे। बच्चों को डूबते देख पास से गुजर रहे दो व्यक्ति की नजर पहुंची तो आनन फानन में दो बच्चियों को बच्चा लिया गया। लेकिन गहरे पानी में चले जाने से अविरल नदी में समा गया। 
उधर,बेटे की  डूबने की सूचना मिलते ही परिजन सहित गांव  के लोग घाट पहुंचे। खोजबीन शुरू की।थानाध्यक्ष राजीव कुमार पाण्डेय ने बताया कि ग्रामीण व गोताखोरों के टीम ने किसी तरह खोजबीन के तीन घंटे बाद शव मिलते ही माता नेहा मिश्रा पिता अनुराग समेत दादा दादी बदहवास हो गए।

परिवार का इकलौता लाडला था नमन 
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3 घंटे के मशक्कत के बाद अविरल का शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। दादा धनंजय मिश्रा ने बताया की चार पुत्रों में पूरे परिवार का इकलौता वारिस था अविरल जिसका शव देखकर परिजनों में हाहाकार मच गई।

घाटों की सुरक्षा का दावा अमेहता में हुआ फेल 
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 ग्रामीणों ने बताया कि छठ पूजा घाटों पर पूजा की तैयारी व सुरक्षा का मामला पूरी तरह से फेल नजर दिखा। ग्रामीणों ने बताया कि डूबने की सूचना तत्काल अधिकारियों को दी गई। लेकिन फोन उठाना उच्च अधिकारियों ने सही नहीं समझा।

सुनी पड़ी अमेहता की छठ बेदी 
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छठ के बेदी का माटी, आज उदास है कोने में पड़ा है सूप नहीं कोई आस है, छठी मैया की पूजा भी,फीकी आज है, क्यूं हमसे रूठा वो बेटा क्यों यह कैसा राज है.... गांव की उदास मां बहनों ने कहा इस बार छठ मईया का पूजा हमारे गांव के लिए बड़ा ही फीका हो गया।