ससुरालियो पे दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के पश्चात पुलिस क़ो विवेचना के वक्त उक्त विवाहिता जिंदा निकली

ससुरालियो पे दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के पश्चात पुलिस क़ो विवेचना के वक्त उक्त विवाहिता जिंदा निकली

सैदपुर : सादात थाना क्षेत्र के बरहपार भोजूराय निवासिनी युवती के खानपुर थाना क्षेत्र के हथोड़ा ग्राम निवासी ससुरालियो पे दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के पश्चात पुलिस क़ो विवेचना के वक्त उक्त विवाहिता जिंदा निकली। सैदपुर क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी की तत्परता के चलते एक बेगुनाह परिवार न सिर्फ जेल जाने से बच गया, बल्कि बिखरने से भी बच गया। पुलिस ने विवाहिता को सकुशल बरामद कर लिया है। 
क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी ने बताया कि बीते 3 अक्टूबर को बरहपार भोजूराय निवासिनी राजवंती देवी पत्नी स्व. रामजी दास ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी बेटी रूचि को उसके ससुरालियों ने दहेज के लिए प्रताड़ित किया और उसकी हत्या कर उसकी लाश को गायब कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने उसकी तहरीर के आधार पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया और क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी ने मामले की विवचेना शुरू कर दी। इस बीच गहनता से तफ्तीश करने पर उन्हें मामला संदिग्ध लगा और जब बारीकी से सुरागकशी की तो पता चला कि जिस विवाहिता के हत्या किए जाने का मुकदमा उसकी मां ने दर्ज कराया है, वो विवाहिता तो जिंदा है और मध्य प्रदेश के ग्वालियर में किसी और से शादी कर वहां रह रही है। इस बीच सूचना के आधार पर शुक्रवार की सुबह 7 बजे बरेहता पुल से सीओ रामकृष्ण तिवारी ने विवाहिता को सकुशल बरामद कर लिया और उससे पूछताछ की। विवाहिता ने बताया कि उसके मायके वालों ने उसकी शादी बिना उसकी मर्जी के जबरदस्ती करा दी थी। जबकि वो पढ़ाई के दौरान एक इंटर कॉलेज में परीक्षा देने आए एक युवक से मुलाकात के बाद से ही प्रेम करती थी और उसी से शादी करना चाहती थी। बताया कि जबरदस्ती शादी होने के बाद वो खुद ही उसके साथ चली गई थी। इधर कथित मृतका के जिंदा होने की सूचना मिलते ही दहेज के लिए हत्या किए जाने का माथे पर बदनुमा दाग झेल रहे खानपुर के हथौड़ा निवासी उसके पति राजेंद्र, सास कमली देवी, ससुर फूलचंद, देवर मुन्ना, ननद रेनू व आकाश की जान में जान आई। उन्होंने कहा कि हम निर्दोष थे, इसलिए हमें सीओ की जांच पर पूरा भरोसा था कि वो सही कार्य करेंगे और आखिरकार हमारे पूरे परिवार को जिस तरह से हत्या जैसे गुनाह में फंसाने का प्रयास किया गया, वो फर्जी व बेबुनियाद निकला। कहा कि इस अवधि में हमारा पूरा परिवार मानसिक रूप से बेहद प्रताड़ित हुआ है। इधर विवाहिता को बरामद करने के बाद पुलिस ने उसे मेडिकल के लिए भेजा। बता दें कि हथौड़ा निवासी राजेंद्र की शादी 6 जून 2023 को विवाहिता रूचि संग हुई थी। 3 अक्टूबर को दहेज हत्या की तहरीर देते हुए उसकी मां ने बताया था कि उन्होंने दहेज के रूप में 50 हजार रूपए सहित जेवर आदि सामान दिए थे और दहेज में बाइक न मिलने पर बेटी को प्रताड़ित किया जाने लगा। यहां तक कि ये भी आरोप लगाया कि ससुराली उसे मारने पीटने के साथ ही खाना व कपड़ा तक नहीं देते थे और कई बार पंचायत के बावजूद स्वभाव में बदलाव नहीं आया। इतना आरोप लगा दिया कि ससुरालीजन हमारे घर आकर हमें भी मानसिक व शारीरिक प्रताड़ित करने लगे। इधर रूचि के पिता की मौत हो गई तो पिता का अंतिम दर्शन करने के लिए भी रूचि को मायके नहीं आने दिया। तहरीर में रूचि की मां ने लिखित आरोप लगाया था कि जब उन्होंने रूचि से मिलने की बात कही तो ससुरालियों ने गाली देते हुए कहा कि हमने उसे ठिकाने लगा दिया है, जो करना है कर लो। बाद में उसकी मां ने खानपुर पुलिस पर जबरदस्ती सुलह कराने का भी आरोप लगाया था। इस बाबत सीओ रामकृष्ण तिवारी ने कहा कि विवाहिता सकुशल बरामद हो गई और उसे मेडिकल के लिए भेजा गया है। वहीं इस फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर ससुरालियों को फंसाने के सवाल पर सीओ ने कहा कि इस मामले में जांच कराकर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।