औड़िहार और अमुवारा रजवाहा में उगी जंगली घास, सुखी नहरों से किसान परेशान 

औड़िहार और अमुवारा रजवाहा में उगी जंगली घास, सुखी नहरों से किसान परेशान 

रानू पाण्डेय
खानपुर।नहर में पानी नहीं आने से गेहूं की सिंचाई नहीं हो पा रही है। इसे लेकर किसान परेशान हैं। वह गेहूं की सिंचाई करने के लिए इधर-उधर भटकने को विवश हैं। सिंचाई नहीं होने से उन्हें गेहूं की फसल की क्षति होने का डर है। उन्होंने शीघ्र नहर में पानी छोड़ने की मांग की है।

औड़िहार और अमुवारा रजवाहा क्षेत्र के उचौरी,चिलौना कला, करमपुर,भदैला,कन्हईपुर,गोपालपुर,घोघवा,फरिदहा,अमेदा,अनौनी,शिवदासपुर,मौधा,नायकडीह, मकरसन, आदि गांवों में खेतों की सिंचाई औड़िहार और अमुवारा रजवाहा से होती है, लेकिन नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने से गेहूं की पहली सिंचाई का कार्य बाधित है। इसे लेकर किसान के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती है। किसान गेहूं की सिंचाई को लेकर इधर-उधर भटकने को विवश हैं। उनका डर सता रहा है कि अगर गेहूं की पहली सिंचाई समय से नहीं हुई तो इसका असर पैदावार पर पड़ेगा। किसान रामबदन यादव,गोपाल विश्वकर्मा, जितेन्द्र पाण्डेय, रामकृष्ण सिंह अलगू ने बताया इस समय गेहूं की पहली सिंचाई का उचित समय चल रहा है, लेकिन नहर में पानी नहीं छोड़ा गया है। बड़ी बड़ी घास से नहरें पटी हैं।जिससे गेहूं की सिंचाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। नहर में पानी ऐसे समय पर छोड़ा जाता है, जब उसकी आवश्यकता नहीं होती है, जिससे सिर्फ नुकसान होता है और हम किसानों को घाटा होता है। जेई से संपर्क करने की कोशिश की गई, परंतु उनका फोन नहीं उठा। किसान नहर में पानी आने की आस लगाए बैठे है।