लालसा इंटरनेशनल स्कूल में धूमधाम से किया गया बाल दिवस का आयोजन
रानू पाण्डेय
खानपुर।क्षेत्र के रायपुर स्थित लालसा इंटरनेशनल स्कूल में बाल दिवस का आयोजन धूमधाम से किया गया। जिसमें स्कूल में बाल मेला व खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने बेहद उत्साह से भाग लिया। इस दौरान बच्चों ने स्कूल में खाने-पीने की सामग्रियों के व गेम्स के स्टॉल लगाए थे। जिसका उन्होंने व अन्य बच्चों ने जमकर लुफ्त उठाया। इस दौरान नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने विभिन्न खेलों में भाग लेकर बाल दिवस का जश्न मनाया। नर्सरी से यूकेजी के बच्चों के लिए म्यूजिकल चेयर, जलेबी दौड़, मेंढक दौड़, रस्साकसी सहित कई अन्य मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया। वहीं बड़ी कक्षाओं के बच्चों के लिए कबड्डी, खो-खो, 100 व 200 मीटर दौड़, साइकिल रेस आदि खेलों का आयोजन किया गया। बच्चों ने पूरी लगन और जोश के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया और अपने प्रदर्शन से सभी का मन मोह लिया। लालसा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन व स्कूल के प्रबंधक अजय यादव ने कहा कि बाल दिवस के महत्व इसलिए भी खास हैं क्योंकि यह बच्चों के विकास और उनके हक़ के लिए काम करने का एक अवसर प्रदान करता है। देश के पहले पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू हमेशा कहते थे कि बच्चों को न केवल अच्छी शिक्षा का अधिकार होना चाहिए, बल्कि उन्हें एक ऐसा वातावरण भी मिलना चाहिए, जिसमें वे मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से विकसित हो सकें। यह दिन हमें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करता है और हमें उनके जीवन को और बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाने के लिए प्रेरित करता है। अंत में उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सभी को बाल दिवस की शुभकामनाएं दीं। कहा कि बच्चों के अधिकारों में सबसे अहम है शिक्षा का अधिकार। बच्चों को न केवल प्राथमिक शिक्षा, बल्कि उन्हें उन अवसरों की भी आवश्यकता है जो उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए तैयार करें। शिक्षा के साथ ही उनका मानसिक और शारीरिक विकास भी उतना ही जरूरी है। बाल दिवस का यह अवसर हमें यह प्रेरणा देता है कि हम बच्चों के लिए बेहतर कल की दिशा में काम करें। उन्हें उनके सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव अवसर प्रदान करें और उनके आत्मविश्वास को जगाएं। बाल दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक अवसर है, जब हमें बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पुनरावलोकन करना चाहिए।




