बिजली बिल राहत योजना में दिसंबर से मिलेगी मूलधन पर भी छूट
रानू पाण्डेय
खानपुर।उत्तर प्रदेश के बिजली विभाग ने लंबे समय से बकाया बिजली बिलों को लेकर परेशान उपभोक्ताओं के लिए राहत दी है। विद्युत विभाग ने न केवल पुराने बिलों के निपटारे को सरल बनाने का निर्णय लिया है, बल्कि इस बार छूट का दायरा भी काफी बढ़ा दिया गया है। इसके लिए ‘बिजली बिल राहत योजना 2025-26’ की घोषणा की गई है। यह योजना 1 दिसंबर से शुरू होगी। इस बार योजना में बकाया बिजली बिल के मूलधन पर भी छूट का प्रावधान किया गया है। इससे पहले यह योजना ‘एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस)’ नाम से संचालित होती थी, जिसमें केवल सरचार्ज में राहत मिलती थी।
विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधिशासी अभियंता सुधाकर सिंह ने बताया कि योजना तीन चरणों में चलाई जाएगी। पहला चरण 1 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर, दूसरा चरण 1 जनवरी 2026 से 31 जनवरी और तीसरा चरण 1 फरवरी 2026 से 28 फरवरी तक चलेगा। पहले चरण में पंजीकरण कराने पर उपभोक्ताओं को शत-प्रतिशत सरचार्ज माफी के साथ मूल बकाए पर 25 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। दूसरे चरण में मूल बकाए में छूट घटकर 20 प्रतिशत और तीसरे चरण में 15 प्रतिशत रह जाएगी। तीनों चरणों में सरचार्ज पूरी तरह माफ रहेगा।
यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी होगी जिन्होंने 31 मार्च 2025 के बाद से बकाया जमा नहीं किया है या जिन्होंने कनेक्शन। लेने के बाद कभी बिजली बिल जमा नहीं किया। पंजीकरण शुल्क दो हजार रुपये तय किया गया है। यह योजना घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 2 किलोवाट तक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए 1 किलोवाट तक के कनेक्शनों पर लागू होगी। उपभोक्ता बकाया राशि का भुगतान एकमुश्त या किस्तों में कर सकेंगे।
विद्युत चोरी के मामलों को भी योजना में शामिल किया गया है। ऐसे मामलों में पहले चरण में पंजीकरण कराने पर निर्धारित राजस्व में 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। दूसरे चरण में यह छूट 45 प्रतिशत और तीसरे चरण में 40 प्रतिशत निर्धारित की गई है। इसमें पंजीकरण शुल्क भी शामिल रहेगा।




