खाद्य तेलों के दाम बढ़ने से ग्राहकों की जेब होगी ढीली
रानू पाण्डेय
खानपुर।अगर आप तड़के के शौकीन हैं तो अपनी जेब ढीली करने के लिए भी तैयार रहें। खाद्य तेलों के दाम बढ़ने से अब महंगाई का तड़का लगना तय है। सरसों और अन्य खाद्य तेलों की कीमतें बढ़ी हैं। इसका सीधा असर आमजन पर ही पड़ेगा।बाजार में सरसों के तेल का फुटकर दाम 220 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया हैं। इससे लोगों की जेब ढीली होने लगी है। खाने में लोग अधिकांश सरसों के तेल का ही इस्तेमाल करते हैं। बहुत कम लोग ही रिफाइंड और अन्य खाद्य तेलों का इस्तेमाल करते हैं। इधर दो माह के भीतर सरसों के तेल के दामों में बृद्धि हुई हैं।
सभी कंपनियों ने पैकेट और बोतल बंद तेल के दाम बढ़ा दिए हैं। विभिन्न कंपनियों के 900 ग्राम के बोतल के तेल का पहले दाम 160 से 170 रुपये था अब यह बढ़कर 170 से 180 रुपये तक पहुंच गया है वहीं, रिफाइंड की कीमत भी 125 से 130 रुपये प्रति 750 ग्राम है।सरसों के तेल का कारोबार करने वाले निरहू पंडित ने बताया कि सबसे ज्यादा खपत सरसों के तेल की होती है। रिफाइंड का इस्तेमाल कभी-कभार ही होता है। विभिन्न ब्रांडों की कंपनियों ने महंगाई के बावजूद ग्राहकों को खुद से जोड़े रखने के लिए नया तरीका खोज निकाला है। पैकेट में तेल की मात्रा घटा दी है, लेकिन दाम पहले वाला ही रखा है।
मूंगफली का तेल भी हुआ महंगा
मूंगफली का तेल पहले 180 रुपये का 900 ग्राम मिलता था वह अब मूंगफली का तेल 200 रुपये हो गया है। तिल का तेल भी 200 रुपये प्रति 100 ग्राम के आसपास पहुंच गया है। सब्जी, दाल में तड़का लगाने के लिए सरसों के तेल का ही इस्तेमाल होता है।




